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जानिए आज की तकनीक ब्लू-रे डिस्क और प्लेयर

Posted On: 31 May, 2010 Others में

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मैंने अपने इंजीनियर दोस्त से पूछते हुए कहा कि कभी ऐसे तकनीक भी आएगी जिसके द्वारा हम एक डिस्क में 200 जीबी का डाटा स्टोरेज कर पाएंगे. उसने मेरे प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि “आएगी नहीं बल्कि आज बाज़ार में ऐसी तकनीक मौजूद है, उसे क्या कहते हैं मुझे नहीं पता परन्तु कल मैं तुम्हारे इस सवाल का ज़वाब अच्छी तरह दे पाऊंगा”. दूसरे दिन अजीत, मेरा दोस्त, जब मेरे घर आया तो उसके पास कुछ कागज़ थे. मेरे पूछने से पहले ही उसने कहा “ बहुत मेहनत करनी पड़ी परन्तु पूरी जानकारी लेकर आया हूं. दो घंटे इन्टरनेट पर बैठना पड़ा और यह लो तुम्हारे प्रश्न का जवाब ब्लू-रे डिस्क. ब्लू-रे कौन सी बला का नाम है, क्या करते हैं इसके द्वारा यह सब कुछ मौजूद है इसमें.

blu rayब्लू-रे डिस्क जिसे बीडी, बीआर या सिर्फ ब्लू-रे कहते हैं एक स्टोरेज आप्टिकल डिस्क है जो डीवीडी का बेहतर विकल्प है. इसका मुख्य उपयोग हाई-डेफिनिशन वीडीओ, प्लेस्टेशन 3 वीडीओ गेम्स और दूसरे डाटा को स्टोर करने में होता है. हम इस तकनीक के द्वारा सिंगल लेयर डिस्क में 25 जीबी और डूअल लेयर डिस्क में 50 जीबी डाटा स्टोर कर सकते हैं. हालांकि यह संख्या ब्लू-रे डिस्क ड्राइवर की मानक स्टोरेज क्षमता को दर्शाता है लेकिन ओपन-एन्डेड विशेषता होने के कारण इसकी ऊपरी स्टोरेज क्षमता अनिश्चित होती है. भौतिक आयाम के हिसाब से ब्लू-रे डिस्क ड्राइवर के मानदण्ड डीवीडी और सीडी की तरह होते हैं.

ब्लू-रे डिस्क का नाम ब्लू-वायलेट लेज़र तकनीक से आया है जो इसको रीड करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. जहॉ एक साधारण डीवीडी 650 नैनोमीटर लाल लेज़र इस्तेमाल करती है वहीं ब्लू-रे डिस्क छोटी तरंग दैर्ध्य 405 नैनोमीटर ब्लू-वायलेट लेसर का उपयोग करता है, और लगभग एक डीवीडी से दस गुना अधिक डाटा स्टोर कर सकता है . ब्लू-रे डिस्क को ब्लू-रे डिस्क एसोसिएशन ने, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माताओं ने और कंप्यूटर हार्डवेयर के निर्माताओं ने विकसित किया था. अप्रैल 2010 तक 1,800 से अधिक ब्लू-रे डिस्क प्रतियां ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम में उपलब्ध थीं, वहीं जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में यह संख्या 2800  से भी अधिक थी.

GPS_satellite_worldइतिहास

ब्लू-रे तकनीक के अविष्कार का श्रेय शूजी नाकामुरा को जाता है जिन्होंने नीले लेजर डायोड का आविष्कार किया. यह तकनीक अभी तक उपलब्ध कंप्यूटर डाटा स्टोरेज के अन्य माध्यमों से काफी उन्नत थी जिसने सनसनी फैला दी. हालांकि एक लम्बे पेटेंट मुकदमे ने इसके व्यापारिक उपयोग में देरी कर दिया. पहले ब्लू प्रोटोटाइप डीवीआर का अक्टूबर 2000 में सीईएटीईसी प्रदर्शनी में अनावरण किया गया. 19 फ़रवरी, 2002 को आधिकारिक तौर पर ब्लू-रे डिस्क परियोजना के स्थापना की घोषणा की गई थी और ब्लू-रे डिस्क एसोसिएशन की स्थापना आरंभिक नौ सदस्यों द्वारा की गई थी.

पहला उपभोक्ता डिवाइस 10 अप्रैल 2003 को पहली बार दुकानों में आया था . यह डिवाइस सोनी बीडीज़ी-एस77 था, जो एक बीडी-रे रिकॉर्डर था और सिर्फ जापान में उपलब्ध कराया गया था. इसकी कीमत 3800 अमेरिकी डॉलर थी, हालाँकि वहाँ प्रीरिकॉर्डेड वीडियो के लिए कोई मानक नहीं था, और कोई फिल्में इस प्लेयर के लिए जारी नहीं किए गए थे.

ब्लू-रे डिस्क की भौतिक विशिष्टताओं को 2004 में पूरा कर लिया गया. जनवरी 2005 में सोनी ने ब्लू-रे डिस्क के लिए एक कठिन बहुलक कोटिंग विकसित करने की घोषणा की थी. बीडी-रोम  की विशिष्टताओं को 2006 में अंतिम रूप दिया गया. बाज़ार में पहला बीडी-रोम प्लेयर मध्य जून 2006 में आए, यद्यपि एचडी डीवीडी प्लेयर इनसे कुछ महीने पहले बाज़ार में आ गए थे.  शुरूवाती दौर में एमपीईजी-2 वीडियो संपीड़न का उपयोग किया गया परन्तु सितंबर 2006 के बाद वीसी-1 और एवीसी कोडेक्स का इस्तेमाल किया गया.

Bluतकनीकी विशिष्टताएं

ब्लू-रे डिस्क एक “नीले” (तकनीकी वायलेट) लेजर का उपयोग करता है, जो 405 एनएम के तरंग दैर्ध्य में पढ़ने और डेटा लिखने का परिचालन कार्य करता है. इस विधि में ईण्डीयुम गैलियम नाइट्राइड डायोड का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें 405 एनएम फोटोन का सीधे तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, इसके विपरीत परंपरागत डीवीडी और सीडी 650 एनएम और 780 एनएम का क्रमशः इस्तेमाल करते हैं. नीली-वायलेट लेसर छोटी तरंगदैर्ध्य  बनाती है अतः इस कारण ही 12 सेमी सीडी पर इतनी अधिक जानकारी स्टोर हो पाती है.

2386337509_e1d9a2de2aब्लू-रे डिस्क प्लेयर

ब्लू-रे प्लेयर का इस्तेमाल ब्लू-रे डिस्क को चलाने के काम आता है. बीडी-रोम विनिर्देश के हिसाब से चार तरह के ब्लू-रे डिस्क प्लेयर सीमांकित है, जिसमे सिर्फ एक ऑडियो प्लेयर प्रोफ़ाइल (बीडी-ऑडियो) है जिसको वीडियो डीकोडिंग या बीडी-ज़े की आवश्यकता नहीं होती है. बाकी तीनों प्लेयर प्रोफाइल में बीडी-ज़े की आवश्यकता होती है जो हार्डवेयर के समर्थन के स्तर के साथ बदलता रहता है.

आखिर एक घंटे के बाद जाकर मुझे समझ में आया कि ब्लू-रे तकनीक क्या है और क्या इसके फायदे हैं. वाकई नए ज़माने की तकनीक है ब्लू-रे और मैं लालायित हूं इस तकनीक को इस्तेमाल करने के लिए.

ब्लू-रे डिस्क और प्लेयर बनाने वाली कंपनियां

  • Ø सोनी
  • Ø पैनासोनिक
  • Ø तोशिबा
  • Ø एलजी
  • Ø सैमसंग
  • Ø पायनियर

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498 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

    Lexus के द्वारा
    August 16, 2016

    Jet Beagle, also, it seems, since 1982, higher prtiicouvdty was reflected in lower prices (inflation was overstated) and lower interest rates, which somewhat offset lower real compensation growth.

Cathy के द्वारा
May 29, 2016

Your post has lifetd the level of debate

Preeti के द्वारा
July 22, 2010

wow!!!!!!!! what a disk.its really a big evolution in technology. nice blog.

chaatak के द्वारा
June 11, 2010

रोचक ! पोस्ट के लिए धन्यवाद !

rishab के द्वारा
June 1, 2010

can blu ray player can be used as a medium to record things.

    hemang के द्वारा
    June 1, 2010

    yes i think so that blu ray player can be used to record data, that is stored in the hard disk but for that a camera has to be attached to it.

    Valinda के द्वारा
    May 29, 2016

    Your post has litfed the level of debate

sunny rajan के द्वारा
May 31, 2010

अब बिना हार्ड डिस्क के हम केवल डिस्क मे अपना अधिक से अधिक डाटा सेव कर सकते है.

manoj के द्वारा
May 31, 2010

वाकई कारगर और रोचक तकनीक है यह.


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