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सावधान!! आपकी हर बातचीत और मैसेज का रिकॉर्ड है!!

Posted On: 20 May, 2013 टेक्नोलोजी टी टी में

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skypeभारत में इंटरनेट कम्यूनिकेशन के बढ़ते बाजार और स्काइप जैसी इंटरनेट की फेस-टू-फेस बातचीत उपलब्ध कराने वाली सेवाओं के निरंतर बढ़ते उपयोग को देखते हुए सरकार ने इसकी सर्विस प्रोवाइडर्स कंपनियों को भारत में अपना सर्वर स्थापित करने को कहा है. माइक्रोसोफ्ट (Microsoft) द्वारा संचालित सॉफ्टवेयर स्काइप और अन्य इंटरनेट आधारित क्म्यूनिकेशन प्रदान करने वाली कंपनियों को सख्त हिदायत देते हुए सरकार ने कहा है कि अगर उन्हें भारत में अपनी सेवाएं जारी रखनी हैं तो यहां अपना सर्वर स्थापित करना होगा ताकि इस पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच हो सके.


पिछले माह 23 अप्रैल को विभिन्न भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की उपस्थिति में हुई गृह मंत्रालय की बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो), पुलिस, अन्य सुरक्षा एजेंसियों के मुख्य अधिकारियों के अलावा टेलीकॉम और आइटी शाखा के उच्च अधिकारी भी मौजूद थे. इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और मोबाइल कंपनियों को सभी राज्यों के अलग-अलग आईपी पते (internet protocol addresses) की सुविधा लाने की भी हिदायत दी गई है. सरकार की इस हिदायत के अनुसार मोबाइल या इंटरनेट के द्वारा किसी भी प्रकार की संचार की सुविधा उपलबध करवाने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स को अब भारतीय कानून के अनुसार भारत में अपनी सेवाओं के लिए रजिस्टर्ड होना पड़ेगा. इसके लिए मीटिंग में भारतीय तार अधिनियम, 1885 (Indian Telegraph Act, 1885)  तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) में संशोधन किए जाने पर भी विचार किया गया.

गौरतलब है कि मोबाइल कंपनियों समेत कई इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स कंपनियां सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को अपने आईपी पते तक पहुंच नहीं देना चाहती. इस संबंध में ब्लैकबेरी मोबाइल कंपनी से सरकार को काफी हील-हुज्जत भी करनी पड़ी थी. ब्लैकबेरी अपने आईपी पते को सरकार की पहुंच से दूर रखना चाहती थी जबकि सरकार इसे सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानकर इसकी पहुंच सरकार को उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति में भारत में ब्लैकबेरी फोन को प्रतिबंधित करने तक की बात कह चुकी थी. आखिरकार ब्लैकबेरी को झुकना पड़ा और अब इसके आईपी पते सरकार के सुरक्षा घेरे में हैं. इससे संदिग्ध कॉल्स या मैसेज को ट्रेस किया जा है. नोकिया भी यह जानकारी सरकार को देने के लिए प्रतिबद्ध है.


अब एक नया ट्रेंड जो सामने आया है वह है इंटरनेट संचार की जिसमें माइक्रोसॉफ्ट की स्काइप सॉफ्टवेयर सबसे प्रमुख है. ये कुछ ऐसे संचार साधन हैं जिन पर अगर सरकार किसी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना चाहे तो नहीं रख सकती. इसके लिए उस बातचीत के रिकॉर्ड तक पहुंच चाहिए और यह केवल तभी संभव है जब सुरक्षा एजेंसियां उस सर्वर के आईपी पते को ट्रेस कर सकें. स्काइप और कई फोन कंपनियां ऐसी हैं जिनके सर्वर भारत में नहीं हैं. इससे दिक्कत यह होती है कि अगर किसी आपत्तिजनक जानकारी या कंटेंट को सरकार हटाना या ब्लॉक करना चाहे या किसी संदिग्ध गतिविधि को ट्रेस करना चाहे तो सर्वर यहां न होने के कारण उसका  ट्रेस कर पाना संभव नहीं होता. इसके बिना इन संदेशों पर नजर रखना या इन्हें प्रतिबंधित करना संभव नहीं होता. तो अब सावधान, आपकी हर गतिविधि पर सरकार की नजर रहेगी.


Tags: Internet Protocol Addresses, Blackberry Mobile (ब्लैकबेरी मोबाइल), आईपी पता (ID Address), भारतीय तार अधिनियम, 1885 (Indian Telegraph Act, 1885), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000), माइक्रोसोफ्ट (Microsoft), Internet Software, Skype, Free IM and Video Calls.


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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Lavinia के द्वारा
August 16, 2016

Croyez bien que je ne met pas en doute l&qtnuo;honresete de vos intentions politiques, elles sont ce qu’elles sont – je constate que c’est à propos des retraites que vous avez réagis à l’article de S. Fernoy, et c’est peut être sur ce thème que j’aurais apprécié de voir votre critique se développer, plutôt que d’agiter un épouvantail.

Delly के द्वारा
May 28, 2016

Jose Alvarez / Que deben continuar sin desmayar. Todo tiempo un tiempo para que ocurra. Hay que ver que lo que se espera sea en línea con la voluntad de Dios. El nunca llega tarde, ni tampoco se adelanta. El todo lo hace en el tiempo correcto. Hay que fluir en pacaencii.


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